मंगलवार, 15 जनवरी 2019

एक शायरी- खुद के नाम (बस आप खूबसूरत हैं)

जमाने को सिखाने में मजा कहाँ है आता अब,
जमाने को जताने में मजा कहाँ है आता अब,
तन्हाई घेर बैठी है "निमय" तुम्हें भी हर पल आज
 सताने में उन्हें घर जाकर मजा कहाँ है आता अब। 
सोचते हो अगर मन में कि वो नहीं बदसूरत हैं,
मतलब सिर्फ़ ये होगा कि बस आप खूबसूरत हैं। 
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
अपने आपको संवारने में वक़ दीजिए क्योंकि जमाने के पास वो वक्त नहीं है 
जो आप अपने लिए चाहते हो।
इस दुनिया में सबसे ज्यादा आप सुंदर हैं ,खूबसूरत हैं, 
इस आत्मसंतुष्टि से जीने की कोशिश भी यदि आपने कर ली तो 
आपको दुनिया की कोई ताकत दुःखी नहीं कर सकती
 बस शर्त ये है कि ये आत्मानुभूति आपके अहंकार में ना बदल पाए।
 😊

कोई टिप्पणी नहीं:

आम आदमी की असली दिक्कत क्या है?

 मैं आम आदमी...........🥲 मुझे दिक्कत ये नहीं कि आलाकमान रेलवे स्टेशनों पर अरबों खर्च कर रहे हैं, करो! खूब करो! लेकिन मेरे गांव के बस स्टैंड...