जब अंत समय आया तो
ये भी ना कहा कि अब चलते हैं......😭😭😭😭
ऐ बसंत तू सदियों तक भी स्वरों को भुला ना पाएगा
नहीं पता था आकर झट से आँसू भी दे जाएगा।
युगों-युगों तक गूंजेगे स्वर प्रकृति भी रागिनी गाएंगी
सुर की नदियाँ फिर से पता नहीं कब जाकर बह पाएंगी।
रो रो के ज़माना याद करेगा प्रेम के सारे गीतों को
कैसे बज पाएगी मन वीणा जो सिहरा देती थी मीतों को।
फिर से मधुर सुरों का प्रसून पता नहीं कब खिल पाएगा
जगह जो खाली हुई जमाने पता नहीं कौन भर पाएगा।
संगीत नहीं खोया हमने भारत की आत्मा भी खोई है
रोया नहीं केवल ज़माना आज प्रकृति खुद भी रोई है।
शब्द नहीं कि कैसे बयां कर पाएंगे हम दर्द को
सारे शब्दों को सुरों में लपेट कर तो वो रुखसत हो गए जमाने से........
#LataMangeshkar #RIP #surkokila #sursamragyi #music #latamangeshkarji
-निमय 🖋
(मौलिक रचना)
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