गुरुवार, 3 फ़रवरी 2022

कड़वा सच ( व्यंग्य रचना)

हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार जिंदगी में...........🖋



लोग तुम्हारे साथ होंगे
अगर तुम्हारा निर्णय
उनके अनुसार होगा।

लोग तुम्हारी तारीफ करेंगे
अगर सलीका तुम्हारा
उनके अनुकूल होगा।

लोग तुम्हारे ताने सुनेंगे
अगर भलाई उनकी
तुम्हारी वजह से हुई होगी।

लोगों से तुम हो
तुमसे लोग नहीं।
उनकी हँसी में हँसो
तो ही हँसी अच्छी है
वर्ना उपेक्षित है तुम्हारी हँसी।

उनकी यादों में मरते जाओ
और उन्हें जताते जाओ,
तो जज़्बातों की कदर है तुम्हारे
वर्ना ढोंग है तुम्हारी चाहत।

उनके आँसू की कीमत उन्हें समझाओ,
तब उन्हें लगता है
कि अपनापन है उनके लिए
तुम्हारी ओर से ।

तुम लोगों के अनुरूप जिओ
तो है तुम्हारी बेहतर जिंदगी,
तब खरे उतरोगे जमाने के पैमाने पर।


और जिस दिन अपने निर्णय,
अपना खुलापन,
अपने आपको परोसने बैठ गए 

जमाने के सामने, 

वही दिन तुम्हें दुनिया में
घृणा का पात्र बना देगा ।

सर्वाधिकार सुरक्षित 
नेमीचंद मावरी "निमय "

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